गुना। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने धर्म और राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि धर्म का उद्देश्य लोगों को जोड़ना है, जबकि राजनीति अक्सर समाज को बांटने का काम करती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार ने हमेशा धर्म को आस्था का विषय माना है, न कि राजनीतिक साधन।
राघौगढ़ राजपरिवार और आस्था का जिक्र
गुना जिले के राघौगढ़ क्षेत्र के भैंसाना गांव में आयोजित 151 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनके राघौगढ़ राजपरिवार का अस्तित्व किले पर विराजमान स्वयंभू हनुमान जी की कृपा से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा, "हमने धर्म को हमेशा अपनी आत्मा और आस्था का केंद्र माना है। धर्म को कभी न बेचा और न ही इसे राजनीति की तराजू में तौला।" यह बयान उन आरोपों के बीच आया है जिनमें समय-समय पर उन पर हिंदू धर्म विरोधी टिप्पणी करने के आरोप लगाए जाते रहे हैं।
151 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ में लाखों श्रद्धालु पहुंचे
भैंसाना में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आयोजकों के अनुसार 11 दिनों तक चले इस कार्यक्रम में करीब 30 लाख श्रद्धालुओं ने भाग लिया। धार्मिक आयोजन के दौरान विभिन्न अनुष्ठान और कथा कार्यक्रम आयोजित किए गए।
30 साल बाद संत ने ग्रहण किया अन्न
समापन समारोह के दौरान एक विशेष क्षण तब देखने को मिला जब भैंसाना धाम के संत गुड्डा महाराज ने अपना 30 साल पुराना संकल्प पूरा किया। बताया गया कि वे पिछले तीन दशक से केवल फलाहार और जल पर जीवन व्यतीत कर रहे थे। धार्मिक संकल्प पूर्ण होने के बाद उन्होंने विधि-विधान से प्रसाद ग्रहण करते हुए पहली बार अन्न का सेवन किया।
विदेशों से भी जुड़े श्रद्धालु
आयोजकों के मुताबिक धार्मिक आयोजन से विदेशों में रहने वाले भारतीय भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। लंदन समेत विभिन्न देशों में रहने वाले श्रद्धालुओं ने डिजिटल माध्यम से कार्यक्रम में सहभागिता की और धार्मिक अनुष्ठानों का हिस्सा बने। इस आयोजन को क्षेत्र का बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम माना जा रहा है।
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