दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है. किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना त्यागपत्र मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को भेजते हुए पद छोड़ने की जानकारी दी. इस्तीफे में उन्होंने व्यक्तिगत कारणों के साथ-साथ संगठन में उनके कार्यों को अपेक्षित सम्मान और मूल्यांकन नहीं मिलने की बात भी कही है.
मेहनत के बावजूद नहीं मिला उचित सम्मान
26 जुलाई 2026 को लिखे गए पत्र में देवेंद्र सिंह यादव ने बताया कि जिला अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने किसानों की समस्याओं को लगातार उठाया और संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी सक्रियता से काम किया. उनका कहना है कि उन्होंने हर स्तर पर किसानों की आवाज बुलंद करने का प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद उनके योगदान को वह पहचान नहीं मिली जिसकी उन्हें उम्मीद थी.
लगातार आलोचना से आहत हुए नेता
अपने पत्र में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उनके कार्यों में बार-बार कमियां निकाली जाती रहीं. इससे उनका मनोबल प्रभावित हुआ और वे मानसिक रूप से भी परेशान रहने लगे. उनका कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में संगठन के प्रति पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ काम कर पाना संभव नहीं रह गया था. इसी वजह से उन्होंने स्वेच्छा से जिला अध्यक्ष पद छोड़ने का फैसला लिया.
विचारधारा से जुड़े रहने की कही बात
हालांकि देवेंद्र सिंह यादव ने साफ किया कि उनका कांग्रेस पार्टी और किसान कांग्रेस की विचारधारा पर आज भी पूरा विश्वास है. उन्होंने कहा कि पद छोड़ने का मतलब संगठन से दूरी बनाना नहीं है. भविष्य में भी वे एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में पार्टी के लिए काम करते रहेंगे और किसानों के मुद्दों को उठाते रहेंगे.
संगठन के फैसले का इंतजार
अपने त्यागपत्र में उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से अनुरोध किया है कि उनका इस्तीफा स्वीकार कर उन्हें जिला अध्यक्ष के दायित्व से मुक्त किया जाए. फिलहाल कांग्रेस या किसान कांग्रेस की ओर से इस इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. यदि प्रदेश नेतृत्व इस्तीफा स्वीकार करता है, तो दतिया जिला किसान कांग्रेस के नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर जल्द निर्णय लिया जा सकता है. उपचुनाव के बीच हुए इस घटनाक्रम को स्थानीय राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.







