मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव अब जल्द घोषित होने की संभावना है. दिल्ली हाई कोर्ट ने कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती से जुड़े मामले की सुनवाई को आगे बढ़ाते हुए 14 जुलाई की नई तारीख तय की है. इसके बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि निर्वाचन आयोग किसी भी समय उपचुनाव की अधिसूचना जारी कर सकता है.
राजेंद्र भारती की सदस्यता हुई थी रद्द
राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता आपराधिक मामले में सजा मिलने के बाद समाप्त कर दी गई थी. विधानसभा सचिवालय ने 2 अप्रैल को सीट को रिक्त घोषित किया था. संवैधानिक नियमों के मुताबिक छह महीने के भीतर इस सीट पर चुनाव कराना जरूरी है. ऐसे में माना जा रहा है कि 2 अक्टूबर से पहले दतिया को नया विधायक मिल जाएगा. मानसून के दौरान चुनाव कराने से आयोग अक्सर बचता है, इसलिए संभावना जताई जा रही है कि जून में ही चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है.
चुनाव की तैयारियां तेज
चुनाव की संभावनाओं को देखते हुए प्रशासनिक तैयारियां भी तेजी से शुरू हो चुकी हैं. निर्वाचन विभाग के निर्देश पर जिले के सभी 291 मतदान केंद्रों के लिए ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. करीब 600 ईवीएम और 600 वीवीपैट मशीनों की तकनीकी जांच भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के इंजीनियरों की देखरेख में की जा रही है. दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चुनाव संबंधी जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए हैं. इस बार वेबकास्टिंग, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
नरोत्तम मिश्रा आएंगे मैदान में
दूसरी तरफ राजनीतिक दलों ने भी अपनी रणनीति बनाना शुरू कर दिया है. भाजपा के भीतर यह चर्चा जोरों पर है कि पार्टी पूर्व गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा को मैदान में उतार सकती है. 2023 विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद नरोत्तम मिश्रा लगातार दतिया में सक्रिय बने हुए हैं और संगठन में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है. भाजपा उन्हें दोबारा विधानसभा भेजकर प्रदेश की राजनीति में बड़ी भूमिका देने की तैयारी कर सकती है.
कांग्रेस इन दिग्गजों को उतारेगा
वहीं कांग्रेस इस सीट को बचाने के लिए पूरी ताकत लगाने के मूड में दिखाई दे रही है. पार्टी के अंदर अवधेश नायक और राजेंद्र भारती के बेटों अंकित या अर्जुन भारती के नामों पर चर्चा चल रही है. कानूनी कारणों से राजेंद्र भारती के चुनाव लड़ने की संभावना कम मानी जा रही है. ऐसे में कांग्रेस सहानुभूति और संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए नए चेहरे पर दांव लगा सकती है. हाल ही में राजेंद्र भारती ने अपने बेटे के साथ राहुल गांधी से मुलाकात की थी, जिसके बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गईं. माना जा रहा है कि कांग्रेस भारती परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए युवा चेहरे को मौका दे सकती है. वहीं यदि अवधेश नायक को टिकट मिलता है तो कांग्रेस भाजपा के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर सकती है.







