छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर दल-बदल की हलचल तेज हो गई है. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले में कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है. जिले के ग्राम पंचायत गातापार जंगल में आयोजित भाजपा सदस्यता अभियान के दौरान कांग्रेस से जुड़े 10 कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली. इस घटनाक्रम को जिले की राजनीति में अहम माना जा रहा है, क्योंकि लोकल स्तर पर इसका असर संगठनात्मक समीकरणों पर पड़ सकता है.
भाजपा सदस्यता अभियान में शामिल हुए नए कार्यकर्ता
भाजपा द्वारा आयोजित सदस्यता कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस से जुड़े 10 कार्यकर्ताओं ने औपचारिक रूप से भाजपा का दामन थाम लिया. पार्टी नेताओं ने उन्हें भाजपा का गमछा पहनाकर स्वागत किया और संगठन की सदस्यता दिलाई. साथ ही उन्हें पार्टी की विचारधारा और संगठनात्मक कार्यशैली की जानकारी भी दी गई.
नेताओं ने संगठन की ताकत बताई
इस कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह और प्रदेश भाजपा प्रवक्ता एवं केसीजी जिला प्रभारी नलिनीश ठोकने मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. विक्रांत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी में हर कार्यकर्ता को सम्मान के साथ काम करने और आगे बढ़ने का समान अवसर मिलता है. यही कारण है कि लगातार लोग भाजपा से जुड़ रहे हैं.
वहीं प्रदेश भाजपा प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने नवप्रवेशी कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए उनसे संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाना सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है. उन्होंने लोगों से सीधे संवाद स्थापित कर सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया.
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
सदस्यता कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे. प्रदेश भाजपा कार्यसमिति सदस्य चम्मन साहू, जिला भाजपा अध्यक्ष डॉ. विशेसर साहू, टीके चंदेल, दिनेश वर्मा, गोरेलाल वर्मा, टोमेश साहू, संजय यदु, कमलेश भदौरिया और नरोत्तम सिन्हा सहित अनेक नेताओं ने नए सदस्यों का स्वागत किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण भी शामिल हुए.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का भाजपा में शामिल होना केसीजी जिले की स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बना सकता है. आने वाले समय में इसका असर दोनों दलों के संगठनात्मक ढांचे और राजनीतिक गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है.







