Kamal Nath: मध्य प्रदेश की रिक्त हो रही राज्यसभा सीटों के लिए बिछी सियासी बिसात में अब कांग्रेस के अंदर कमलनाथ कार्ड की चर्चा सबसे तेज है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि यदि विधायकों की एकजुटता बरकरार रखनी है और भाजपा की सेंधमारी से बचना है, तो पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से बड़ा और सुरक्षित चेहरा कोई दूसरा नहीं हो सकता।
नाथ कांग्रेस के सेफ कार्ड?
राज्यसभा की तीसरी सीट पर जीत दर्ज करने के लिए कांग्रेस को अपने सभी विधायकों को बांधे रखना सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे में कमलनाथ के नाम पर विचार करने के पीछे तीन कारण हैं। सबसे पहला कमलनाथ का कद और उनका व्यक्तिगत प्रभाव ऐसा है कि उनके नाम पर क्रॉस वोटिंग की संभावना लगभग शून्य हो जाती है। दूसरा जीतू पटवारी, उमंग सिंघार और दिग्विजय सिंह जैसे दिग्गजों के बीच कमलनाथ सेतु का काम कर सकते हैं और सियासी जानकारों का मानना है कि यदि कमलनाथ मैदान में उतरते हैं, तो भाजपा अपना अतिरिक्त उम्मीदवार उतारने का जोखिम नहीं लेगी और कांग्रेस की राह आसान हो जाएगी।
दावेदारों की कतार लंबी
भले ही कमलनाथ सबसे आगे दिख रहे हों, लेकिन अन्य नामों पर भी पेंच फंसा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी मीनाक्षी नटराजन के नाम पर विचार कर रहे हैं। वही पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ब्राह्मण कार्ड खेलते हुए पीसी शर्मा की पैरवी कर रहे हैं। तो वही सज्जन सिंह वर्मा, कमलेश्वर पटेल और बाला बच्चन भी अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं।
क्रॉस वोटिंग का साया
कांग्रेस के पास संख्या बल लगभग 63-66 विधायक पर्याप्त है, जबकि जीत के लिए 58 वोटों की दरकार है। लेकिन हरियाणा जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए आलाकमान डरा हुआ है। अगर जरा सी भी नाराजगी हुई, तो कांग्रेस के हाथ से यह सीट फिसल सकती है।
वेट एंड वॉच में भाजपा
प्रदेश भाजपा फिलहाल कांग्रेस की फूट और उम्मीदवारों के ऐलान का इंतजार कर रही है। भाजपा की रणनीति साफ है, यदि कांग्रेस किसी कमजोर या विवादित चेहरे को उतारती है, तो भाजपा अपना तीसरा प्रत्याशी उतारकर खेल बिगाड़ने की कोशिश कर सकती है।







