खबर डिजिटल कटनी- कथित वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस ने अब सियासी लड़ाई को और तेज करने की तैयारी कर ली है। ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली महारैली के लिए कटनी में नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया है। मंच से लोकतंत्र, मताधिकार और निष्पक्ष चुनाव की बातें खूब हुईं, लेकिन इस पूरे अभियान की असली ताकत का पता दिल्ली में जुटने वाले कार्यकर्ताओं और जनता के बीच इसके प्रभाव से ही चलेगा।जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में सांसद कल्याण काले और बिछिया विधानसभा के विधायक नारायण पट्टा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शहर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ सिंह की मौजूदगी में महारैली की तैयारियों पर चर्चा हुई। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से दिल्ली पहुंचने और अभियान को मजबूती देने की अपील की।नारों से आगे कितनी पहुंचेगी लड़ाई?कांग्रेस नेताओं ने कथित वोट चोरी को लोकतंत्र के लिए गंभीर मुद्दा बताते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई। पार्टी का कहना है कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद करना जरूरी है। लेकिन राजनीतिक सवाल यह भी है कि आरोपों और नारों से आगे बढ़कर कांग्रेस इस मुद्दे पर जनता के बीच कितना ठोस अभियान खड़ा कर पाती है।दिल्ली महारैली को सफल बनाने की अपील के बीच अब संगठन की सक्रियता, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और अभियान के जमीनी असर पर निगाहें रहेंगी। फिलहाल कार्यक्रम में किसी विशिष्ट चुनावी मामले से जुड़े नए प्रमाण या विस्तृत दस्तावेजी जानकारी का उल्लेख नहीं किया गया।अमित शुक्ला ने भरी हुंकार, कार्यकर्ताओं से दिल्ली पहुंचने की अपीलशहर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला ने कहा कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान लोकतंत्र और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता के वोट का सम्मान और निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है।उन्होंने कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा 1 नवंबर की महारैली में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। पार्टी के सामने अब चुनौती केवल राजनीतिक संदेश देने की नहीं, बल्कि इस संदेश को व्यापक जनसमर्थन में बदलने की भी है।नेताओं का जमावड़ा, अब दिल्ली में ताकत दिखाने की बारीकार्यक्रम में महाराष्ट्र से राजा गोदिक्षण, प्रभारी दुर्गेश पटेल, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनी वर्मा, पूर्व विधायक बसंत सिंह, प्रेम बत्रा, प्रियदर्शन गौर, राकेश जैन कक्का, राकेश द्विवेदी गुड्डू, प्रशांत जायसवाल, विजय पटेल, महेंद्र जैन, जीतू गुप्ता, अजय जैसवानी, कमल पांडे, मोहम्मद इजराइल, आनंद पटेल, अजय खटीक, राहुल होतवानी, कल्लू दास बैरागी, संतोष यादव, मुकेश परोहा, रंजीत सिंह, दिग्विजय सिंह, संजय गुप्ता और जालिम यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।सियासी दावों की अग्निपरीक्षा 1 नवंबर कोकटनी में हुई बैठक ने दिल्ली महारैली के लिए कांग्रेस की तैयारियों को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पार्टी का यह अभियान कितनी बड़ी भागीदारी जुटाता है और चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा आम मतदाताओं तक कितनी मजबूती से पहुंचता है।लोकतंत्र की रक्षा के दावे अपनी जगह, लेकिन राजनीतिक अभियान की असली कसौटी उसके ठोस मुद्दे, प्रमाण और जनता के बीच उसके असर से होती है। 1 नवंबर की महारैली कांग्रेस के लिए इसी ताकत को प्रदर्शित करने का अवसर होगी।
वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस का सियासी संग्राम! दिल्ली कूच का ऐलान, कटनी में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी‘वोट
Khabar Digital Desk
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