भोपाल। मध्यप्रदेश में सत्ता की लड़ाई अब भाषणों से ज्यादा सोशल मीडिया पर लड़ी जा रही है। भाजपा और कांग्रेस के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के ताजा आंकड़े बताते हैं कि Gen Z वोटर का झुकाव किस तरफ है। आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्यप्रदेश भाजपा के इंस्टग्राम अकाउंट bjp4mp के 22.6 हजार पोस्ट पर 6 लाख 80 हजार फॉलोअर्स हैं, जबकि मध्यप्रदेश कांग्रेस के अकाउंट पर INCMP के 24.6 हजार पोस्ट पर 12 लाख फॉलोअर्स हैं। यानी कांग्रेस के फॉलोअर्स भाजपा से लगभग दोगुने हैं। जो कि करीब 5.20 लाख ज्यादा हैं।
Gen Z फैक्टर क्यों है अहम?
अभी के दौर में इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा एक्टिव 18 से 29 साल का युवा है, जिसे Gen Z कहा जाता है। यह वही वर्ग है जो मीम, रील और ट्रेंड पर राजनीति को समझता है। कांग्रेस की टीम ने इसी नब्ज को पकड़ा है। ज्यादा पोस्ट, ट्रेंडिंग फॉर्मेट और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस का पेज Gen Z के लिए ज्यादा रिलेटेबल बन गया है, जबकि भाजपा का कंटेंट अभी भी पारंपरिक प्रचार तक सीमित दिख रहा है। सोशल मीडिया पर अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए भाजपा युवा मोर्चा ने रील बनाओ इनाम पाओ कॉन्टेस्ट शुरू किया था। जिसमें 1 लाख रुपए तक का इनाम देने की बात कही गई थी। लेकिन Gen Z को पार्टी से जोड़ने में युवा मोर्चा की यह योजना भी फेल हो गई।

2028 चुनाव में Gen Z की भूमिका
2028 के विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में करीब 65 लाख Gen Z वोटर पहली और दूसरी बार मतदान करेंगे। यह वोटर जातिगत समीकरण से ज्यादा रोजगार, पेपर लीक, महंगाई और शिक्षा जैसे मुद्दों पर बात करना चाहता है। यह टीवी नहीं, मोबाइल पर 30 सेकंड की रील में नेता को परखता है।
ऐसे में जो पार्टी Gen Z की फीड पर राज करेगी, वही आने वाले चुनाव में बढ़त बनाएगी। ताजा आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि जमीन पर भाजपा का संगठन मजबूत है, लेकिन डिजिटल दुनिया में कांग्रेस ने युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।







