भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश भाजपा संगठन में बड़ा बदलाव हुआ है। पार्टी ने चंद्रशेखर को मध्यप्रदेश का नया प्रदेश संगठन महामंत्री नियुक्त किया है। संगठन महामंत्री का पद भाजपा में प्रदेश संगठन और राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चंद्रशेखर इससे पहले राजस्थान और तेलंगाना में संगठन की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
बांदा से लेकर काशी और पश्चिमी यूपी तक संगठन का अनुभव
चंद्रशेखर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में प्रचारक के रूप में काम किया और इसके बाद भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान वे काशी क्षेत्र में संगठनात्मक भूमिका में सक्रिय रहे। उस समय नरेंद्र मोदी वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे। उनके संगठनात्मक कार्य को देखते हुए बाद में उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी जिम्मेदारी दी गई। उनके काशी और राजस्थान के कार्यकाल का उल्लेख समकालीन रिपोर्टों में भी मिलता है।
राजस्थान में करीब छह साल संभाली संगठन की जिम्मेदारी
अगस्त 2017 में चंद्रशेखर को राजस्थान भाजपा का प्रदेश संगठन महामंत्री बनाया गया था। राजस्थान में उन्होंने करीब छह साल तक संगठन का काम संभाला। 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी भूमिका को संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण माना गया था। राजस्थान के बाद जनवरी 2024 में उन्हें तेलंगाना भाजपा में संगठन की जिम्मेदारी दी गई। बाद में वे वहां संगठन महामंत्री के तौर पर काम करते रहे। अब भाजपा नेतृत्व ने उन्हें मध्यप्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में आने वाले समय में प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक ढांचे और कामकाज में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है।
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अब एमपी बीजेपी में क्या होगा?
सूत्रों के मुताबिक मध्यप्रदेश के नवनियुक्त संगठन महामंत्री चंद्रशेखर अनुशासन, स्पष्टता और समयबद्धता के मामले में बेहद सख्त है। चंद्रशेखर दो टूक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। अब मध्यप्रदेश के भाजपा नेताओं को आत्ममंथन करना पड़ेगा कि किस तरह चलना है नहीं तो फिर गाज गिरने की पूरी तैयारी रहेगी। यहां तक कि सूत्रों के अनुसार चंद्रशेखर फैसला ऑन द स्पॉट करते हैं, जिसका असर आने वाले वक्त में बड़े स्तर पर भी दिखाई दे सकता है।
2028 की तैयारी के लिहाज से अहम नियुक्ति
मध्यप्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2028 में होना है। ऐसे में नए संगठन महामंत्री की नियुक्ति को पार्टी के आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों, बूथ प्रबंधन और कार्यकर्ता नेटवर्क को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चंद्रशेखर के पास राजस्थान और तेलंगाना जैसे राज्यों में संगठन संभालने का अनुभव है, जिसका उपयोग मध्यप्रदेश में पार्टी संगठन को दिशा देने में किया जा सकता है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि चंद्रशेखर मध्यप्रदेश में संगठन की कमान संभालने के बाद किन क्षेत्रों में बदलाव और किन प्राथमिकताओं के साथ आगे बढ़ते हैं।
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