चंदेरी नगर पालिका के वित्तीय घपले पर गरमाई राजनीति, EOW जांच की मांग से मचा हड़कंप!

S
Shiv Sharan

0 बार पढ़ा गया

चंदेरी नगर पालिका के वित्तीय घपले पर गरमाई राजनीति, EOW जांच की मांग से मचा हड़कंप!

​चंदेरी। नगर पालिका परिषद चंदेरी में ठेकेदारों के लंबित भुगतान और कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ ठेकेदार मोनू पुरोहित का दावा है कि उनके एक करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है, तो वहीं दूसरी ओर मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) प्रदीप शर्मा के बयानों ने पुरानी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​वैध वर्क ऑर्डर और फाइलों पर उलझा पेच

​हाल ही में सीएमओ प्रदीप शर्मा ने स्पष्ट किया था कि संबंधित ठेकेदार की फाइलों में वैध वर्क ऑर्डर और हस्ताक्षर मौजूद नहीं हैं। वहीं, ठेकेदार का कहना है कि वे वर्ष 2019 से नगर पालिका के विभिन्न आयोजनों में टेंट, लाइट और अन्य व्यवस्थाएं देते आ रहे हैं और उनके पास सभी आवश्यक चीच उपलब्ध हैं। इस विरोधाभास ने नगरपालिका की कार्यशैली को कटघरे में ला खड़ा किया है।

​पुराने भुगतानों और जवाबदेही पर सवाल

​मामले का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि यदि नगर पालिका में पहले से ही फर्जी या संदिग्ध फाइलें तैयार होने की समस्या रही है, तो यह सब किसके संरक्षण में चल रहा था? पूर्ववर्ती अध्यक्षों, तत्कालीन सीएमओ और हस्ताक्षर करने वाले अधिकारियों की भूमिका पर अब जांच की मांग उठ रही है। क्या पहले भी बिना वैध दस्तावेजों के भुगतान किए गए हैं? जब इस संबंध में संवाददाता ने सीएमओ से रिकॉर्डेड बयान और जानकारी चाही, तो उन्होंने कुछ भी कैमरे पर बोलने से इनकार कर दिया, जिससे संदेह और गहरा गया है।

​ईओडब्ल्यू और उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग

​यह पूरा प्रकरण केवल एक ठेकेदार के भुगतान तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक धन की पारदर्शिता से जुड़ा है। स्थानीय नागरिकों और जानकारों ने मांग की है कि आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW), जिला कलेक्टर अशोकनगर और नगरीय प्रशासन विभाग को इस मामले का स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।

​जांच में मुख्य रूप से इन बिंदुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • ​वर्ष 2019 से अब तक तैयार सभी संदिग्ध भुगतान फाइलों की स्वतंत्र जांच हो।
  • ​तत्कालीन व वर्तमान सीएमओ तथा संबंधित अध्यक्षों की भूमिका तय की जाए।
  • ​बिना वर्क ऑर्डर या सत्यापन के हुए भुगतानों की पहचान कर विशेष ऑडिट कराया जाए।
  • ​दोषियों के खिलाफ कड़ी विभागीय व कानूनी कार्रवाई हो।
https://khabardigital.com/madhya-pradesh/journalist-misbehavior-neemuch-press-club-memorandum/
शेयर करें:

संबंधित खबरें

और पढ़ें

मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के स्वामित्व पंजीयन में CM मोहन यादव हुए शामिल, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पटवारियों का किया सम्मान
मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के स्वामित्व पंजीयन में CM मोहन यादव हुए शामिल, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पटवारियों का किया सम्मान

नगर परिषद डिंडौरी की बड़ी पहल: दीपावली पर छोटे व्यापारियों को राहत
मध्यप्रदेश

नगर परिषद डिंडौरी की बड़ी पहल: दीपावली पर छोटे व्यापारियों को राहत

सह-यात्री अमृता-दिग्विजय को भी याद रखना जरूरी - प्रो. मनोज कुमार
ब्लॉग

सह-यात्री अमृता-दिग्विजय को भी याद रखना जरूरी - प्रो. मनोज कुमार

CM मोहन यादव ने दिया निर्देश, दीपावली पर सभी व्यवस्थाएं रहें चाक-चौबंद
मध्यप्रदेश

CM मोहन यादव ने दिया निर्देश, दीपावली पर सभी व्यवस्थाएं रहें चाक-चौबंद

स्वामित्व योजना में प्रदेश में 15 लाख 98 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां पूर्ण
मध्यप्रदेश

स्वामित्व योजना में प्रदेश में 15 लाख 98 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां पूर्ण

फील्डिंग में उतरे 56 सांसद, इस प्लान से सबके छूट जाएंगे पसीने !
भारत

फील्डिंग में उतरे 56 सांसद, इस प्लान से सबके छूट जाएंगे पसीने !

अनिल अग्रवाल ने भारत के तेल एवं गैस क्षेत्र में निवेशक-अनुकूल नीतिगत सुधारों का स्वागत किया, कहा- देश में निवेश के असीमित अवसर
व्यापार

अनिल अग्रवाल ने भारत के तेल एवं गैस क्षेत्र में निवेशक-अनुकूल नीतिगत सुधारों का स्वागत किया, कहा- देश में निवेश के असीमित अवसर

वेदांता लिमिटेड पर ब्रोकरेज में तेजी, दूसरी तिमाही में EBIDTA दोगुना हुआ; 50 फीसदी तक की तेजी की उम्मीद
व्यापार

वेदांता लिमिटेड पर ब्रोकरेज में तेजी, दूसरी तिमाही में EBIDTA दोगुना हुआ; 50 फीसदी तक की तेजी की उम्मीद

सीडीएसएल ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए, कंसोलिडेटेड कुल आय में 22% और शुद्ध मुनाफे में 24% की सालाना बढ़ोतरी
व्यापार

सीडीएसएल ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए, कंसोलिडेटेड कुल आय में 22% और शुद्ध मुनाफे में 24% की सालाना बढ़ोतरी