रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेजों में कार्यरत गेस्ट फैकल्टी के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से पीरियड आवंटन और मानदेय को लेकर चल रहा विवाद अब खत्म हो सकता है। उच्च शिक्षा विभाग मानदेय भुगतान की व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद गेस्ट फैकल्टी को प्रति पीरियड के बजाय प्रतिदिन के आधार पर भुगतान किया जाएगा। इसके तहत प्रतिदिन 2 हजार रुपये और अधिकतम 50 हजार रुपये प्रतिमाह तक मानदेय मिल सकेगा।
मानदेय भुगतान का बदलेगा तरीका
उच्च शिक्षा विभाग गेस्ट फैकल्टी के मानदेय की नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्ताव के अनुसार अब भुगतान पीरियड की संख्या के आधार पर नहीं होगा, बल्कि प्रतिदिन तय मानदेय दिया जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने पर गेस्ट फैकल्टी को प्रतिदिन 2 हजार रुपये तक और एक महीने में अधिकतम 50 हजार रुपये तक मानदेय मिल सकेगा। इससे सभी कॉलेजों में भुगतान की व्यवस्था एक समान होने की उम्मीद है।
जल्द जारी हो सकते हैं आदेश
उच्च शिक्षा विभाग इस संबंध में अंतिम तैयारी कर चुका है। विभाग की ओर से जल्द ही नए नियमों और शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति संबंधी आदेश जारी किए जा सकते हैं।
आदेश जारी होने के बाद सरकारी कॉलेजों में गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू होने की संभावना है। नए सत्र से ही बदली हुई व्यवस्था लागू की जा सकती है।
अभी कैसे मिलता है मानदेय
फिलहाल सरकारी कॉलेजों में गेस्ट फैकल्टी को प्रति पीरियड के हिसाब से भुगतान किया जाता है। 40 से 45 मिनट की एक कक्षा के लिए 400 रुपये और 60 मिनट की कक्षा के लिए 500 रुपये मानदेय तय है।
एक दिन में अधिकतम चार पीरियड ही दिए जाने की व्यवस्था होने से मासिक आय भी इसी आधार पर तय होती है। इससे अलग-अलग कॉलेजों में व्याख्याताओं के मानदेय में अंतर देखने को मिलता है।
लंबे समय से उठ रही थी बदलाव की मांग
गेस्ट फैकल्टी का कहना था कि कई कॉलेजों में उन्हें निर्धारित संख्या से कम पीरियड दिए जाते हैं, जिससे उनकी मासिक आय प्रभावित होती है। इसी वजह से वे लंबे समय से प्रतिदिन तय मानदेय की मांग कर रहे थे।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पीरियड आवंटन को लेकर होने वाले विवाद कम होने की संभावना है। साथ ही सभी गेस्ट फैकल्टी को ज्यादा पारदर्शी और समान भुगतान व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा।
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