भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ बीजेपी आगामी नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर माइक्रो प्लानिंग की तरफ आगे बढ़ने वाली है। निचले स्तर तक के कार्यकर्ताओं को पार्टी की रीति-नीति से अवगत कराया जाएगा। जिसके लिए 11 मार्च से प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन किया जाएगा। विभिन्न सत्रों में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण वर्गों में आगामी कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
जिला स्तर पर दो रात का होगा प्रशिक्षण वर्ग
बीजेपी के जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग दो रातों के आयोजित किए जाएंगे, मंडल स्तर पर आयोजित होने वाले प्रशिक्षण वर्गों में कार्यकर्ताओं के एक रात रुकना अनिवार्य होगा। इस तरह की ट्रेनिंग देने के पीछे बीजेपी की रणनीति अपने कार्यकर्ताओं में गुटबाजी भुलाकर मेलजोल बढ़ाना शामिल है, ताकि एकजुटता के साथ विपक्ष की चुनौतियों को संगठन के माध्यम से निपटा जा सके।
बीजेपी के आला नेताओं में हुआ मंथन
शुक्रवार को भोपाल में बीजेपी के प्रमुख नेताओं की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें मु्ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रशिक्षण वर्ग के प्रभारी केसी पटेल के समेत क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल मौजूद रहे। इसमें जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारियों के साथ प्रशिक्षण वर्ग के लिए बनाई गई टोलियों के कार्यकर्ता मौजूद थे। जिन्हें जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठाकर काम करने का संदेश दिया गया।
आजीवन सहयोग निधि पर भी फोकस
बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि वो जल्द से जल्द आजीवन सहयोग निधि के कामकाज को भी निपटा लें, ताकि प्रशिक्षण के समय किसी भी तरह का बोझ कार्यकर्ताओं पर ना आए। प्रशिक्षण वर्ग के लिए तैयार की जाने वाली गाइडलाइन को भी आने वक्त में जारी करने की बात कही गई, जिसमें साफ हुआ कि पहले मंडल स्तर पर प्रशिक्षण खत्म होने के बाद अप्रैल माह में प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाएंगें।
संगठन मंत्रियों की कमी खलेगी
प्रशिक्षण मतलब संघ की तरह शिविर, बीजेपी के प्रशिक्षण वर्ग भी कुछ इसी तरह से आयोजित किए जाते हैं, जिसमें सबसे अहम भूमिका संगठन महामंत्री की हुआ करती है, लेकिन मध्यप्रदेश में जिला से लेकर, संभाग से लेकर, प्रदेश स्तर तक यह पद खाली है। जिसके चलते अबकी बार 'भाई साहब' कमी खलने वाली है। हालांकि कहा जा रहा है कि इस कमी को पूरा करने के लिए ही संभागीय और जिला प्रभारी की नियुक्ति की गई है।







