बीना जंक्शन पर चल रहे यार्ड रीमॉडलिंग के काम ने रेल यातायात की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. रेलवे प्रशासन काम को पूरा करने के लिए कई ट्रेनों को निरस्त कर रहा है, तो कुछ गाड़ियों को घंटों रीशेड्यूल करके चलाया जा रहा है. इस वजह से रोजाना बीना से आवाजाही करने वाले अप-डाउनर्स के साथ-साथ लंबी दूरी के यात्रियों की भारी फजीहत हो रही है. वक्त पर ट्रेनें न मिलने के कारण लोग अपने गंतव्य तक समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनका पूरा दिन प्रभावित हो रहा है.
स्कूली बच्चों और रोजाना के यात्रियों की बढ़ी फजीहत
यार्ड में चल रहे इस काम की सबसे ज्यादा गाज लोकल और मेमू ट्रेनों पर गिरी है. सागर, गुना और भोपाल रूट पर चलने वाली मेमू गाड़ियों को कहीं पूरी तरह रद्द कर दिया गया है, तो कहीं आंशिक रूप से संचालित किया जा रहा है. इससे नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों और छात्रों का रोजाना का सफर काफी मुश्किल भरा हो गया है. शनिवार को ही दमोह जा रहे स्कूली बच्चों का एक दल सुबह करीब 10 बजे स्टेशन पहुंच गया था. यहां आने पर उन्हें पता चला कि बीना-कटनी मेमू ढाई घंटे देरी से रवाना होगी. इसके चलते बच्चों और उनके साथ आए लोगों को लंबे समय तक स्टेशन पर ही इंतजार करना पड़ा. रेलवे के अनुसार यह स्थिति 15 अक्टूबर तक बनी रहने की संभावना है.
कई प्रमुख ट्रेनें रद्द और घंटों लेट
शनिवार को रीमॉडलिंग कार्य के कारण नागदा-बीना एक्सप्रेस और श्रीधाम एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें रद्द रहीं. इसके अलावा लंबी दूरी की कई गाड़ियों को देरी से रीशेड्यूल कर चलाया गया:
- नागदा-बीना एक्सप्रेस: निरस्त
- श्रीधाम एक्सप्रेस: निरस्त
- गोंडवाना एक्सप्रेस: 3 घंटे 7 मिनट लेट
- अमृतसर एक्सप्रेस: 5 घंटे 31 मिनट लेट
- पातालकोट एक्सप्रेस: 4 घंटे 54 मिनट लेट
- बीना-कटनी मेमू: 2 घंटे 30 मिनट रीशेड्यूल
- बीना-दमोह पैसेंजर: बीना के बजाय मालखेड़ी स्टेशन से संचालित
ट्रेनों की इस बदहाली से परेशान यात्रियों का कहना है कि रेलवे को इन बदलावों की सटीक जानकारी समय रहते देनी चाहिए, ताकि वे अपनी यात्रा का प्लान उसी हिसाब से बना सकें.







