भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ ऊर्जा संरक्षण की दिशा में भोपाल रेल मंडल नवकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु निरंतर प्रयासरत है। मंडल द्वारा सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिला है, बल्कि रेलवे को राजस्व बचत का भी लाभ प्राप्त हुआ है। जिसका असर रेलवे की आर्थिक स्थिति सुधारने में काफी कारगर साबित हो रहा है।
CAPEX मोड पर सौर संयंत्र
भोपाल मंडल के अंतर्गत 71 स्थानों पर लगभग 779 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित किए गए हैं। इन संयंत्रों से प्रतिमाह लगभग 93 हजार यूनिट बिजली उत्पन्न हो रही है, जिससे लगभग 8.41 लाख मासिक की बचत हो रही है।
RESCO मोड पर सौर संयंत्र
इसके अतिरिक्त मंडल में 7 स्थानों (भोपाल, इटारसी, सांची रेलवे स्टेशन, डीआरएम कार्यालय, विधुत इलेक्ट्रिक शेड एवं डीजल लोको शेड इटारसी तथा इटारसी स्कूल) पर कुल 1.69 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र RESCO मोड पर पहले से संचालित हैं। इनसे प्रतिवर्ष लगभग 24 लाख यूनिट्स बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिससे मंडल को लगभग 223 लाख वार्षिक बचत हो रही है।
रेलवे की नवीन पहल
भोपाल मंडल ने हाल ही में एक और बड़ा कदम उठाते हुए 1.07 मेगावाट क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट RESCO मोड पर संत हिरदाराम नगर, विदिशा, शाजापुर, गुना, हरदा, व्यावरा राजगढ़, नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन एवं बीना मेमू शेड जैसे आठ स्थानों स्थापित करने की प्रक्रिया प्रारंभ की है। इससे प्रतिवर्ष लगभग 13 लाख यूनिट्स विद्युत उत्पादन की संभावना है। इन संयंत्रों का संचालन फर्म द्वारा 25 वर्षों के लिए किया जाएगा तथा रेलवे द्वारा उत्पादित यूनिट्स का भुगतान किया जाएगा।
सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने दी जानकारी
सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में इन पहलों से न केवल रेल मंडल की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायता मिलेगी, बल्कि सतत विकास की दिशा में एक सशक्त कदम भी सिद्ध होगा।







