भोपाल/खबर डिजिटल/ भोपाल के प्रस्तावित मास्टर प्लान-2047 Bhopal Master Plan के ड्राफ्ट को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। कांग्रेस के सीनियर नेता पीसी शर्मा ने कहा है कि वह पहले ड्राफ्ट का अध्ययन करेगी और इसके बाद जरूरी बिंदुओं पर दावे-आपत्तियां दर्ज कराई जाएंगी।
पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने मास्टर प्लान को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि प्रस्तावित योजना में शामिल किए गए गांवों, किसानों की जमीन और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर क्या प्रावधान किए गए हैं।
2047 तक के प्लान पर कांग्रेस ने उठाया सवाल
पीसी शर्मा ने कहा कि लंबे समय से भोपाल का नया मास्टर प्लान नहीं आया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रस्तावित योजना वर्ष 2047 तक की बात कर रही है, तो पहले वर्ष 2031 तक की जरूरतों और योजनाओं को स्पष्ट किया जाना चाहिए।
100 गांवों को शामिल करने पर सवाल
कांग्रेस नेता ने प्रस्तावित मास्टर प्लान में करीब 100 गांवों को शामिल किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि इससे किसानों की जमीन पर क्या प्रभाव पड़ेगा और जमीन को लेकर सरकार की नीति क्या होगी।
मिक्स लैंड यूज पर भी मांगा स्पष्टीकरण
पीसी शर्मा ने मिक्स लैंड यूज पॉलिसी को लेकर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने पूछा कि इस नीति को जमीन पर किस तरह लागू किया जाएगा और इससे आवासीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों पर क्या असर पड़ेगा।
उन्होंने उन व्यावसायिक केंद्रों का मुद्दा भी उठाया, जिन्हें सीलिंग के नोटिस दिए गए हैं। कांग्रेस ने सरकार से पूछा कि प्रस्तावित मास्टर प्लान में ऐसे मामलों को लेकर क्या प्रावधान किए गए हैं।







