भोपाल/खबर डिजिटल। राजधानी भोपाल की G-3 गुलमोहर कॉलोनी में आवारा कुत्तों के हमले में एक बच्ची के घायल होने के बाद कॉलोनी की व्यवस्थाओं और जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। रहवासियों का आरोप है कि कॉलोनी में अतिक्रमण, गंदगी और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं हो रहा है।
वहीं, शील पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल पर खुले मैदान में लोहे के एंगल लगाकर कब्जा करने और पार्किंग की अव्यवस्था के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि नगर निगम में शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कॉलोनी की समस्याओं पर जिम्मेदार विभाग कब ध्यान देंगे?

स्कूल के पास खाली मैदान का पार्किंग के रूप में इस्तेमाल
भोपाल नगर निगम के जोन-10 के वार्ड-50 स्थित G-3 गुलमोहर कॉलोनी में संचालित शील पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल को लेकर स्थानीय रहवासियों ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि स्कूल के बगल में स्थित खुले मैदान का इस्तेमाल वाहनों की पार्किंग के लिए किया जा रहा है। इससे कॉलोनी के रहवासियों के वहन नहीं खड़ी हो पा रही है। रहवासियों का कहना है कि इस स्थान पर गंदगी और आवारा कुत्तों की समस्या भी बनी रहती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, स्कूल में आने-जाने वाले बच्चों और कॉलोनी के रहवासियों को इससे परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बच्चे पर कुत्तों के हमले के बाद बढ़ी चिंता
कॉलोनी में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर भी रहवासियों ने चिंता जताई है। उनका दावा है कि हाल ही में कुछ कुत्तों ने एक बच्चे पर हमला कर दिया था। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। रहवासियों का आरोप है कि नगर निगम में शिकायत करने के बावजूद आवारा कुत्तों को पकड़ने और समस्या का समाधान करने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। कुछ स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि जब निगम की टीम कुत्तों को पकड़ने पहुंचती है, तब कुछ पशु प्रेमी इसका विरोध करते हैं।

कॉलोनी में राज्यमंत्री का आवास, फिर भी समस्याओं से परेशान रहवासी
गुलमोहर कॉलोनी G-3 में मध्य प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल का आवास भी है। रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए।
नई समिति को चार्ज मिलने के बाद भी समस्याएं बरकरार?
गुलमोहर रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी की नई समिति को कार्यभार संभाले काफी समय हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद कई समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों ने समिति के कामकाज और जवाबदेही पर भी सवाल उठाए हैं। कुछ रहवासियों का दावा है कि पूर्व समिति की ओर से अब तक ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है। इस राशि का वास्तविक उपयोग, वसूली का आधार और लेखा-जोखा स्पष्ट करने की मांग की जा रही है। इस संबंध में समिति का पक्ष और ऑडिट रिपोर्ट की स्थिति सामने आना जरूरी है, ताकि वित्तीय पारदर्शिता से जुड़े सवालों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
गुलमोहर कॉलोनी G-3 नगर निगम को हैंडओवर क्यों नहीं?
गुलमोहर G-3 कॉलोनी के रहवासियों ने कॉलोनी को नगर निगम को हस्तांतरित किए जाने में हो रही देरी पर सवाल उठाए हैं। रहवासियों का कहना है कि भोपाल में कई अवैध कॉलोनियों को वैध कर वहां नगर निगम द्वारा बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन G-3 गुलमोहर कॉलोनी का मामला लंबे समय से लंबित है। उनका आरोप है कि इस संबंध में अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है।
वर्तमान में गुलमोहर G-3 समिति रहवासियों से राशि वसूल कर पानी और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। हालांकि, अब समिति द्वारा वसूली जाने वाली राशि को लेकर भी विवाद की स्थिति बन रही है। रहवासियों के बीच चर्चा है कि समिति उनसे अधिक राशि वसूलने की बात कर रही है। इसको लेकर लोगों में नाराजगी है। रहवासियों का कहना है कि समिति द्वारा पानी के लिए वसूली जाने वाली राशि नगर निगम के निर्धारित शुल्क से भी अधिक बताई जा रही है। रहवासियों की मांग है कि कॉलोनी के हस्तांतरण की स्थिति स्पष्ट की जाए और समिति द्वारा वसूल की जा रही राशि का विवरण सार्वजनिक किया जाए।

जांच और जिम्मेदारी तय की जाए
रहवासियों की मांग है कि नगर निगम और संबंधित विभाग G-3 गुलमोहर कॉलोनी का मौके पर निरीक्षण कर पार्किंग, गंदगी, आवारा कुत्तों और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की जांच करें। साथ ही, सहकारी समिति के वित्तीय रिकॉर्ड और कॉलोनी के हस्तांतरण की स्थिति स्पष्ट कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
गुलमोहर जी-3 के एक रहवासी ने बताया
रहवासी ने बताया कि बच्ची को 2-3 आवारा कुत्तों ने एक साथ झपटकर काट लिया। उनका आरोप है कि शील पब्लिक स्कूल के सामने खाली प्लॉट पर स्थायी पार्किंग बना दी गई है, जहां कचरा जमा होने से डंपिंग ग्राउंड जैसी स्थिति बन गई है। यहां आवारा कुत्तों का जमावड़ा रहता है और गाड़ियों की धुलाई भी होती है। रहवासी ने स्कूल प्रबंधन और कॉलोनी के पदाधिकारियों से समस्या का समाधान करने की मांग करते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ी घटना हो सकती है।







