एशिया की सबसे बड़ी साबुन फैक्ट्री: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने MP के भिंड जिले के औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर में एशिया की सबसे बड़ी साबुन फैक्ट्री का शुभारंभ किया। यह फैक्ट्री 450 करोड़ की लागत से बनायी गयी है। इसमें गोदरेज साबुन से जुड़े प्रोडेक्ट बनेंगे। इससे क्षेत्र में सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमने केवल एमओयू नहीं किए, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारा। आज यहां स्थापित होने वाली इंडस्ट्री एशिया का सबसे बड़ा साबुन का उद्योग है। यहां प्रति मिनट 4000 साबुन बनेंगे। देश में मच्छर कहीं भी होंगे, लेकिन गुडनाइट भिंड से ही जाएगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि गोदरेज ने लोगों के मन में विश्वास कायम किया है। हर घर में गोदरेज की अलमारी होती है। लोग अलमारी को ही गोदरेज बोलते थे। पता ही नहीं था कि गोदरेज के अलावा भी कोई दूसरी अलमारी होती है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक घरानों के माध्यम से कई घरों में रोशनी होती है। सुख-समृद्धि का मार्ग निकलता है। आज 450 करोड़ की नई सौगात मिल रही है।
मेड-इन-एमपी और फेथ-इन-एमपी की मिसाल तैयार हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं 8-10 महीने पहले यहां आया था। उस वक्त भी मैंने 1500 करोड़ की लागत के एलिक्सर इंडस्ट्रीज के प्लांट का भूमि-पूजन किया था। इसका लोकार्पण भी हम जल्दी करेंगे। उद्योग और निवेश के क्षेत्र के लिए , युवाओं के लिए, राज्य की समृद्धि के लिए प्रदेश केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। उन्होंने कहा कि जितने भी एमओयू होते हैं उसका दस फीसदी ही धरातल पर उतरता है। लेकिन, मध्यप्रदेश ऐसा राज्य है, जहां 30 फीसदी से ज्यादा निवेश धरातल पर उतरा है।
10 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश अलग-अलग तरीके से मूर्त रूप ले रहा है। कई फैक्ट्रियों ने अपना उत्पादन भी शुरू कर दिया है। मध्यप्रदेश की विदेशी निर्यात क्षमता बढ़कर अब 76 हजार करोड़ हो चुकी है। यहां कोई समुद्र नहीं है, लेकिन हमारे उत्पाद 7 समंदर पार पहुंच रहे हैं।
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन निसाबा गोदरेज ने कहा कि मालनपुर से गोदरेज का रिश्ता 35 साल पुराना है। मेरे पिता आदि गोदरेज ने वर्ष 1991 में यहां साबुन निर्माण के लिए यूनिट शुरू की थी। गोदरेज नंबर 1 साबुन आज मालनपुर की धरती पर तैयार होकर देश का अग्रणी ब्रांड बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के लिए सुरक्षा और आवास सहित सभी प्रकार सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। अब उन्हें नाइट शिफ्ट में काम करने का भी अवसर मिलेगा। महिलाओं को रोजगार, कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता दिखाने के अवसर भी मिल रहे हैं।
गोदरेज ने मलेरिया सहित अन्य मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए खास प्रोडक्ट तैयार किए। इस दौरान मध्यप्रदेश में मलेरिया के मरीजों की संख्या में कमी देखने को मिली थी। वर्ष 2030 तक मलेरिया मुक्त होने के लिए गोदरेज राज्य सरकार के साथ काम करने के लिए तैयार है। कंपनी के एमडी-सीईओ आसिफ मलबारी ने कहा कि मालनपुर के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। गोदरेज के प्रोडक्ट्स भारतीय परिवारों का प्रमुख हिस्सा बन चुके हैं।
गोदरेज ने 35 साल पहले मालनपुर में अपनी इकाई प्रारंभ की थी। यहां करीब 70 एकड़ क्षेत्र में हमारी मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट संचालित हो रही है, जिसमें अब तक कुल 850 करोड़ रुपए का निवेश हो चुका है। गोदरेज की कुल सोप मैन्यूफैक्चरिंग क्षमता 2 लाख टन है। अब नई यूनिट के विस्तार के साथ हम पूरे एशिया महाद्वीप के सबसे बड़े साबुन निर्माता बन जाएंगे।







