BJP CM Change: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और केंद्रीय कमान के अंदर इन दिनों दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लेकर बबंडर देखा जा रहा है। सियासी गलियारों में उड़ रही खबरों के अनुसार, साल 2027 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव और देश भर में विपक्ष के बढ़ते हमलों से निपटने के लिए भाजपा नेतृत्व सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे की नीति पर काम कर रहा है।
सूत्रों का दावा है कि इस बदलाव में जहां उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहेंगे, वहीं राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा पर राहु काल का संकट भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। यूपी में अयोध्या के श्रीराम मंदिर में उठे चंदा चोरी विवाद को विपक्ष एक बड़ा षड़यंत्र मान रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अचानक रामलला के दर्शन कर बड़ा बयान दिया कि योगी आदित्यनाथ को हटाने के लिए ही चंदा चोरी जैसा षड़यंत्र रचा गया है। राजनैतिक जानकारों का कहना है कि केजरीवाल की कोई आपसी मित्रता नहीं, बल्कि सोच-समझकर फेंका गया सियासी तीर है।
नाराजगी का खामियाजा
बिहार में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने सियासत में उबाल ला दिया है। इस एनकाउंटर के बाद से ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। राजनैतिक नेताओं का मानना है कि इस गुस्से की चपेट में न सिर्फ यूपी आ सकता है, बल्कि अन्य दूसरे राज्य भी आ सकते है। वही राजस्थान की भजनलाल सरकार से केंन्द्रीय बीजेपी नाराज देखी जा रही है।
सीएम फेस की तलाश?
यदि भाजपा सीएम भजनलाल शर्मा और योगी आदित्यनाथ को सीधे हटाती है, तो उसे आगामी चुनावों में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसीलिए रणनीति यह बन रही है कि यूपी में सीएम योगी को हटाकर किसी ब्राह्मण नेता को कमान सौंपी जाए, ताकि बिगड़ते सियासी समीकरण को दोबारा भाजपा के पक्ष में लाया जा सके।
राजस्थान में भूपेंद्र की एंट्री?
सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा की कार्यप्रणाली से केंद्रीय नेतृत्व पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। लिहाजा, वहां भी चेहरा बदलने की योजना पर काम चल रहा है। राजस्थान में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव को नया मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जिससे वहां के संगठन को नई मजबूती दी जा सके।
MP में कई नेताओं की होगी छुट्टी!
दिल्ली और भोपाल के गलियारों में चर्चा का विषय बनी खबर के अनुसार मध्य प्रदेश की राजनीति में कुछ और बड़े भूचाल देखने को मिल सकते हैं। मंत्रिमंडल से कुछ बड़े मंत्रियों की छुट्टी होना लगभग तय माना जा रहा है। प्रदेश के कुछ दिग्गज चेहरों को राष्ट्रीय टीम में एंट्री देकर एडजस्ट किया जाएगा।







