जर्जर किराए के मकानों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र… बच्चों की जिंदगी खतरे में!

K
Khabar Digital Desk

0 बार पढ़ा गया

जर्जर किराए के मकानों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र… बच्चों की जिंदगी खतरे में!

डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ कुपोषण मिटाने के लिए सरकार लगातार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। आदिवासी बाहुल्य डिंडौरी जिले में अधिकांश आंगनवाड़ी केंद्र ऐसे कच्चे और जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं, जिन्हें देखकर ही सुरक्षा पर सवाल खड़े हो जाते हैं। कई केंद्रों में महीनों से बच्चों को नाश्ता और भोजन भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, जिससे योजनाओं का उद्देश्य ही धूमिल हो रहा है।

1945 में से 519 आंगनवाड़ी केंद्रों के पास नहीं अपना भवन
जिले में कुल 1945 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें से 519 केंद्र आज भी बिना भवन के हैं, जबकि 134 केंद्र ऐसे जर्जर भवनों में चल रहे हैं, जिनमें किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है। कई केंद्र किराए के पुराने, दरारों से भरे मकानों में मजबूरीवश संचालित किए जा रहे हैं। स्थानीय लोग और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बताते हैं कि इन भवनों की हालत इतनी खराब है कि बरसात के दौरान छतें टपकती हैं, दीवारें झड़ती हैं और बच्चों को एक कोने में बैठाकर गतिविधियां करानी पड़ती हैं।

करंजिया क्षेत्र में सबसे खराब हालात
करंजिया विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहतरा, हरिजन टोला, रोड़ मोहल्ला, सहोरवा टोला, इसी तरह अन्य विकासखंड मेंहदवानी, अमरपुर, बजाग सहित कई ग्रामीण इलाकों में आंगनवाड़ी केंद्र पूरी तरह असुरक्षित भवनों में संचालित हो रहे हैं।

https://khabardigital.com/madhya-pradesh/sheopur-karahal-eklavya-school-ganja-plants-recovered-illegal-cultivation/

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया
लोगों का कहना है कि दीवारें कभी भी गिर सकती हैं। घर मालिक भी कह चुके हैं कि मकान जर्जर है, फिर भी आंगनवाड़ी वहीं चल रही है। स्थिति को और चिंताजनक तब बनाती है यह बात कि नवंबर माह से आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को नाश्ता और दोपहर भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाला पोषण इस वजह से प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, विभागीय अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन अभी तक न तो भोजन शुरू हुआ और न ही भवन सुधार की दिशा में कोई कदम उठाया गया।

कार्यकर्ताओं की मजबूरी
कई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे रोज डर के माहौल में काम करती हैं। भवन गिरने की आशंका के बावजूद उन्हें गतिविधियां करनी पड़ रही हैं। एक कार्यकर्ता ने बताया कि अगर हम यहां काम न करें तो कार्रवाई होती है, लेकिन भवन बदलने की मांग करने पर कोई सुनवाई नहीं होती।

योजनाओं के उद्देश्यों पर सवाल
सरकार की ओर से पोषण अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सप्लिमेंट्री न्यूट्रीशन प्रोग्राम और अन्य कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन आंगनवाड़ी केंद्रों की इस दयनीय स्थिति से इन कार्यक्रमों की सफलता पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।

ग्रामीणों की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जर्जर भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए नाश्ता और भोजन तत्काल शुरू कराया जाए। भवन निर्माण व मरम्मत के लंबित प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई की जाए।

शेयर करें:

संबंधित खबरें

और पढ़ें

मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के स्वामित्व पंजीयन में CM मोहन यादव हुए शामिल, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पटवारियों का किया सम्मान
मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के स्वामित्व पंजीयन में CM मोहन यादव हुए शामिल, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पटवारियों का किया सम्मान

नगर परिषद डिंडौरी की बड़ी पहल: दीपावली पर छोटे व्यापारियों को राहत
मध्यप्रदेश

नगर परिषद डिंडौरी की बड़ी पहल: दीपावली पर छोटे व्यापारियों को राहत

सह-यात्री अमृता-दिग्विजय को भी याद रखना जरूरी - प्रो. मनोज कुमार
ब्लॉग

सह-यात्री अमृता-दिग्विजय को भी याद रखना जरूरी - प्रो. मनोज कुमार

CM मोहन यादव ने दिया निर्देश, दीपावली पर सभी व्यवस्थाएं रहें चाक-चौबंद
मध्यप्रदेश

CM मोहन यादव ने दिया निर्देश, दीपावली पर सभी व्यवस्थाएं रहें चाक-चौबंद

स्वामित्व योजना में प्रदेश में 15 लाख 98 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां पूर्ण
मध्यप्रदेश

स्वामित्व योजना में प्रदेश में 15 लाख 98 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां पूर्ण

फील्डिंग में उतरे 56 सांसद, इस प्लान से सबके छूट जाएंगे पसीने !
भारत

फील्डिंग में उतरे 56 सांसद, इस प्लान से सबके छूट जाएंगे पसीने !

अनिल अग्रवाल ने भारत के तेल एवं गैस क्षेत्र में निवेशक-अनुकूल नीतिगत सुधारों का स्वागत किया, कहा- देश में निवेश के असीमित अवसर
व्यापार

अनिल अग्रवाल ने भारत के तेल एवं गैस क्षेत्र में निवेशक-अनुकूल नीतिगत सुधारों का स्वागत किया, कहा- देश में निवेश के असीमित अवसर

वेदांता लिमिटेड पर ब्रोकरेज में तेजी, दूसरी तिमाही में EBIDTA दोगुना हुआ; 50 फीसदी तक की तेजी की उम्मीद
व्यापार

वेदांता लिमिटेड पर ब्रोकरेज में तेजी, दूसरी तिमाही में EBIDTA दोगुना हुआ; 50 फीसदी तक की तेजी की उम्मीद

सीडीएसएल ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए, कंसोलिडेटेड कुल आय में 22% और शुद्ध मुनाफे में 24% की सालाना बढ़ोतरी
व्यापार

सीडीएसएल ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए, कंसोलिडेटेड कुल आय में 22% और शुद्ध मुनाफे में 24% की सालाना बढ़ोतरी

जर्जर किराए के मकानों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र… बच्चों की जिंदगी खतरे में! | Khabar Digital | Khabar Digital