खबर डिजिटल न्यूज़ रिपोर्टर /कटनी-- शहर में भविष्य की जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में नगर निगम ने एक बड़ी पहल शुरू की है। अब माधव नगर क्षेत्र का वर्षा जल नालों के माध्यम से व्यर्थ बहने के बजाय एसीसी खदान क्रमांक-5 में संरक्षित किया जाएगा। गुरुवार को निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने मौके पर पहुंचकर वर्षा जल संचयन मॉडल का निरीक्षण किया और इसे शहर के लिए दीर्घकालिक जल संरक्षण की महत्वपूर्ण योजना बताया।निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने खदान क्षेत्र की सुरक्षा के लिए फेंसिंग, व्यापक पौधारोपण, एप्रोच रोड निर्माण तथा पूरे परिसर को भविष्य में पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि जल संरक्षण के साथ यह स्थल पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन की दृष्टि से भी शहर की नई पहचान बन सकता है।उपयंत्री मृदुल श्रीवास्तव ने बताया कि माधव नगर के 7-11 नाले से बहने वाले वर्षा जल को पहले से बने स्टॉप डैम और ओपन चैनल के माध्यम से सीधे एसीसी खदान में पहुंचाया जा रहा है। इससे मानसून के दौरान लाखों लीटर वर्षा जल सुरक्षित संग्रहित होगा, जिसका उपयोग भविष्य में पेयजल संकट के समय किया जा सकेगा।नगर निगम ने बैराज के ओवरफ्लो पानी के उपयोग की भी अग्रिम तैयारी कर ली है। कटाए घाट बैराज में अतिरिक्त जल आने पर मोटर पम्प और पहले से बिछाई गई पाइपलाइन के जरिए पानी को खदानों तक पहुंचाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर शोधन प्रक्रिया के बाद यही जल शहर की पेयजल आपूर्ति में इस्तेमाल किया जाएगा।निगम प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना न केवल शहर को वैकल्पिक जल स्रोत उपलब्ध कराएगी, बल्कि भूजल स्तर सुधारने, जल संरक्षण और सतत पेयजल प्रबंधन का भी उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी। यदि योजना सफल रही तो एसीसी खदान क्रमांक-5 भविष्य में कटनी की जल सुरक्षा का मजबूत आधार बनने के साथ-साथ एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित हो सकती है।
"अब बारिश का पानी नहीं होगा बर्बाद: एसीसी खदान बनेगी कटनी का नया जल भंडार, पर्यटन स्थल के रूप में भी होगा विकास"
Khabar Digital Desk
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