डिंडोरी/खबर डिजिटल/शैलेश नामदेव / विकासखंड समनापुर के ग्राम सरई में बारिश के दिनों में खराब सड़क की वजह से करीब 400 छात्र-छात्राओं को स्कूल पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शासकीय माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तक जाने वाला रास्ता बारिश में कीचड़ और पानी से भर जाता है, जिससे विद्यार्थियों को रोज इसी मुश्किल रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता है।
2017 से सड़क निर्माण की मांग
ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल तक पहुंचने वाली सड़क लंबे समय से खराब है। ग्रामीण वर्ष 2017 से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। बारिश शुरू होते ही रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है।
विद्यार्थियों को कई जगह पानी और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। रास्ता फिसलन भरा होने के कारण बच्चों के गिरने की घटनाएं भी होती हैं। इससे उनके कपड़े और किताबें खराब हो जाती हैं। छोटे बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

बारिश में स्कूल पहुंचना मुश्किल
विद्यार्थियों का कहना है कि बारिश के दौरान स्कूल पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद पढ़ाई के लिए उन्हें रोज इसी रास्ते से होकर जाना पड़ता है। अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। उनका कहना है कि सड़क बनने से विद्यार्थियों के साथ पूरे गांव के लोगों को भी राहत मिलेगी।
खराब सड़क से पढ़ाई पर असर
ग्रामीणों के अनुसार, खराब सड़क का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। बारिश के दौरान रास्ते की स्थिति खराब होने के कारण कई विद्यार्थी स्कूल नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।
ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने प्रशासन से स्कूल तक जल्द से जल्द पक्की सड़क बनवाने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ सुरक्षित आवागमन की सुविधा भी मिलनी चाहिए।
ग्रामीणों को सड़क निर्माण की उम्मीद
अब ग्रामीणों और विद्यार्थियों को उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का संज्ञान लेकर जल्द कार्रवाई करेंगे और स्कूल तक पक्की सड़क का निर्माण कराया जाएगा, ताकि बच्चों को बारिश के दौरान कीचड़ भरे रास्ते से होकर स्कूल न जाना पड़े।







