MP BJP: मध्यप्रदेश में चुनावी बिसात बिछाने की दिशा में भाजपा ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा की सहमति से पिछले तीन दिनों के अंदर प्रदेश के 26 जिलों में मोर्चा के नए सेनापतियों की तैनाती कर दी गई है। इन नियुक्तियों के जरिए भाजपा ने साफ कर दिया है कि उसका पूरा ध्यान अब जमीनी पकड़ और अनुभवी कार्यकर्ताओं को मुख्यधारा में लाने पर है।
दो किस्तों में हुआ बदलाव
पार्टी ने रणनीतिक रूप से दो सूचियां जारी कर सांगठनिक रिक्तियों को भरा है। 24 अप्रैल को पहली सूची में 16 नाम सामने आए थे, जबकि 27 अप्रैल को 10 और जिलों की कमान सौंपी गई। इन नियुक्तियों में क्षेत्रीय संतुलन और जातीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है।
किसान मोर्चा के नए कमानदार
ग्वालियर-चंबल और मध्य क्षेत्र: मुरैना में हेमंत धाकड़, गुना में मुरालीलाल धाकड़ और अशोकनगर में धर्मवीर रघुवंशी को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं रायसेन में कमलेश राजपाल और बैतूल में महेश्वर सिंह चंदेल मोर्चा संभालेंगे।
मालवा-निमाड़ की घेराबंदी: खंडवा में राजेंद्र सिंह, बुरहानपुर में राहुल जाधव और बड़वानी में राजेंद्र शितोले को अध्यक्ष बनाया गया है। नीमच से राजू नागदा और शाजापुर से राधेश्याम जाट पर पार्टी ने भरोसा जताया है।
महाकौशल और विंध्य: छिंदवाड़ा में शैलेंद्र रघुवंशी, बालाघाट में यशवंत लिल्लोरे, डिंडौरी में घनश्याम कछवाहा, रीवा में प्रवीण त्रिपाठी और पन्ना में प्रदीप अवस्थी को कमान सौंपी गई है।
नर्मदापुरम: यहां की जिम्मेदारी सुरेश पटेल को मिली है।
योजनाओं को खेतों तक पहुंचाने की रणनीति
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मध्य प्रदेश जैसे राज्य में, जहां अर्थव्यवस्था की धुरी खेती-किसानी है, वहां किसान मोर्चा की सक्रियता हार-जीत तय करती है। नए जिला अध्यक्षों का मुख्य कार्य सरकार की किसान कल्याणकारी योजनाओं को हर बूथ तक पहुंचाना और किसानों के बीच पैठ बनाना होगा। हाल ही में हुए निगम-मंडल विस्तार के बाद संगठन में की गई ये नियुक्तियां असंतोष को दूर करने और कैडर को चुनावी मोड में लाने का मास्टरस्ट्रोक मानी जा रही हैं।







