वेदांता लिमिटेड ने दूसरी तिमाही में रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया; EBITDA में 106 फीसदी उछाल

k
krishna kant

0 बार पढ़ा गया

वेदांता लिमिटेड ने दूसरी तिमाही में रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया; EBITDA में 106 फीसदी उछाल

• तिमाही में दर्ज किया रु 6,202 करोड़ का रिकॉर्ड मिुनाफा, 151 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी

• तिमाही में रिकॉर्ड रु 9,938 करोड़ का रिकॉर्ड EBITDA, 106 फीसदी सालाना की वृद्धि

• इंडस्ट्री में सर्वश्रेष्ठ 0.1 गुना ND/ EBITDA अनुपात; नेट डेट (शुद्ध कर्ज) में रु4,624 करोड़ की गिरावट

मुंबई : वेदांता लिमिटेड (बीएसईः 500295, एनएसईः वीईडीएल) ने आज 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई दूसरी तिमाही और छमाही के लिए अपने अलेखापरीक्षित समेकित नतीजे घोषित किए।

• छमाही का अब तक का सबसे अधिक मुनाफा रु11,496 करोड़, सालाना 151 फीसदी की बढ़ोतरी
• छमाही का रिकॉर्ड राजस्व रु49,268 करोड़, सालाना 54 फीसदी की बढ़ोतरी
• तिमाही में EBITDA रु 9,938 करोड़, सालाना 106 फीसदी की बढ़ोतरी
• छमाही का अब तक का सबसे अधिक EBITDA रु18,407 करोड़, सालाना 103 फीसदी की बढ़ोतरी
• नेट डेट/ EBITDA सुधरकर 0.1 गुना हो गया है, जो इंडस्ट्री में सबसे बेहतरीन है
• जिंक इंटरनेशनल गैम्सबर्ग फेज़ 2 शुरू हो गया है, जिससे कुल मेटल-इन-कॉन्संट्रेट क्षमता 500 किलोटन प्रति वर्ष हो गई है
• फैकोर ओस्टापाल खदानों से पहली बार भूमिगत अयस्क सफलतापूर्वक निकाला गया
• 11 महत्वपूर्ण मिनरल ब्लॉक्स का पोर्टफोलियो, जिनमें से 5 में अभी खोज जारी है।
• प्रति शेयर रु5 का पहला अंतरिम लाभांश घोषित किया गया

मुख्य वित्तीय बिन्दु (दूसरी तिमाही और वित्तीय वर्ष 27 की पहली छमाहीः
o अब तक का सबसे अधिक तिमाही राजस्व रु 25,812 करोड़ दर्ज किया गया, जो सालाना आधार पर 57 फसदी और पिछली तिमाही के मुकाबले 10 फीसदी अधिक है। इससे छमाही का राजस्व रिकॉर्ड रु49,268 करोड़ तक पहुंच गया, इस दृष्टि से सालाना 54 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
o अब तक का सबसे अच्छा तिमाही EBITDA रु9,938 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 106 फीसदी और पिछली तिमाही के मुकाबले 17 फीसदी अधिक है। साथ ही छमाही का EBITDA रिकॉर्ड रु18,407 करोड़ तक पहुंच गया, इस दृष्टि से सालाना 103 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
o अब तक का सबसे अधिक तिमाही मुनाफा रु6,202 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 151 फीसदी और पिछली तिमाही के मुकाबले 17 फीसदी अधिक है। छमाही का मुनाफा रिकॉड रु11,496 करोड़ तक पहुंच गया, इस दृष्टि से सालाना 151 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
o तिमाही में EBITDA 60 फीसदी रहा, इसमें सालाना 1055 बीपीएस और पिछली तिमाही के मुकाबले 293 बीपीएस की बढ़ोतरी देखी गई।
o नेट डेट/ EBITDA अनुपात जो वित्तीय वर्ष 27 की पहली तिमाही में 0.3 गुना था वह बेहतर होकर 0.1 गुना हो गया है।
o नेट डेट यानि शुद्ध कर्ज पिछली तिमाही के मुकाबले रु4,624 करोड़ घटकर रु3,675 करोड़ रह गया है (जून 2026 में यह रु₹8,299 करोड़ था)। इसमें संचालन से होने वाले नकद प्रवाह का मुख्य योगदान रहा।
o वित्तीय वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में रु5,803 करोड़ का मजबूत एफसीएफ (प्री-कैपेक्स) जनरेट हुआ, जबकि जो वित्तीय वर्ष 27 की पहली तिमाही में रु4,412 करोड़ था। इसी तरह पहली छमाही एफसीएफ (प्री-कैपेक्स)रु10,215 करोड़ रहा।
o वित्तीय वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में रु1,135 करोड़ का ग्रोथ कैपेक्स निवेश किया गया, जिससे वित्तीय वर्ष 27 की पहली छमाही के लिए कुल ग्रोथ कैपेक्स रु2,283 करोड़ हो गया।
o मजबूत लिक्विडिटीः वित्तीय वर्ष 27 की पहली तिमाही के अंत में रु19,992 करोड़ के मुकाबले, अब नकद और नकद समकक्ष रु26,622 करोड़ हैं।
o आईसीआरए और क्रिसाइल दोनों ने वेदांता लिमिटेड की क्रेडिट रेटिंग को एए प्लस / स्टेबल पर बरकरार रखा है।
o प्रति शेयर रु5 का पहला अंतरिम लाभांश घोषित किया गया है।

o वीईडीएल की कुल ऋण लागत लगभग 8.3 फीसदी सालाना बनी रही।
o वित्तीय वर्ष 27 की पहली छमाही में, वीआरएल ने सफलतापूर्वक निम्नलिखित उपलब्धियां हासिल की हैंः
o 7.4फीसदी की औसत कूपन दर और 7.6 साल की औसत परिपक्वता अवधि के साथ 2.15 बिलियन डॉलर के अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड।
o 3 साल की औसत परिपक्तवा अवधि के साथ, एसओएफआर प्लस 265 बीपीएस पर 1.85 बिलियन डॉलर का सिंडिकेट टर्म लोन।
o वीआरएल की क्रेडिट रेटिंग पिछले एक दशक के उच्चतम स्तर पर हैः एस एंड पी एंड फिच रेटिंग बीबी/स्टेबल है, और मूडी की रेटिंग बीए3/पॉजिटिव है।

वित्तीय वर्ष 27 की दूसरी तिमाही और वित्तीय वर्ष 27 की पहली छमाही के मुख्य बिन्दुः
प्रमुख व्यवसायों में संचालन का मजबूत प्रदर्शन जारी हैः

▪ जिंक इंडिया
o दूसरी तिमाही में खनन से धातु का रिकॉर्ड उत्पादन, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 5 फीसदी अधिक रहा; पहली छमाही में 539 किलोटन का रिकॉर्ड उत्पादन, जो सालाना 3 फीसदी अधिक है।
o दूसरी तिमाही में चांदी का उत्पादन 173 टन, जो सालाना 20 फीसदी अधिक है; पहली छमाही में 321 टन, जो सालाना 10 फीसदी अधिक है।
o भूमिगत खनन में बदलाव के बाद जिंक की उत्पादन लागत सबसे निचले स्तर 703 डॉलर प्रति टन पर आ गई है, जो सालाना 29 फीसदी और पिछली तिमाही के मुकाबले 17 फीसदी कम है।

▪ जिंक इंटरनेशनल
o दूसरी तिमाही में खनित धातु का उत्पादन 53 किलोटन रहा, जो सालाना 12 फीसदी कम और तिमाही आधार पर 9 फीसदी अधिक है; पहली छमाही में 102 किलोटन का उत्पादन, जो सालाना 13 फीसदी कम है।
o वित्तीय वर्ष 27 की दूसरी तिामही के दौरान गैम्सबर्ग चरण 2शुरू किया गया, जिससे 200 किलोटन सालाना की एमआईसी क्षमता जुड़ी और कुल वीज़ैडआई क्षमता बढ़कर 500 किलोटन सालाना हो गई।

▪कॉपर (तांबा)
• दूसरी तिमाही में कॉपर इंडिया की बिक्री 52 किलोटन रही, जो सालाना 16 फीसदी अधिक है। पहली छमाही में बिक्री 105 किलोटन रही, जो सालाना 9 फीसदी अधिक है।
• दूसरी तिमाही में कॉपर इंटरनेशनल की बिक्री 6 किलोटन रही, जो सालाना 74 फीसदी और तिमाही आधार पर 43 फीसदी कम है; पहली छमाही में बिक्री 16 किलोटन रही, जो सालाना 64 फीसदी कम है। इस पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने का असर पड़ा है।
• कॉपर इंटरनेशनलः सऊदी अरब में 155 किलोटन सालाना क्षमता वाले रॉड प्लांट का काम अच्छी तरह आगे बढ़ रहा है, जिसके वित्तीय वर्ष 27 की तीसरी तिमाही में शुरू होने की उम्मीद है।

▪ फैकोर
• दूसरी तिमाही का रिकॉर्ड अयस्क उत्पादन, जो सालाना 6 फीसदी अधिक है; पहली छमाही में 202 किलोटन का रिकॉर्ड उत्पादन, जो सालाना 31 फीसदी अधिक है। दूसरी तिमाही में 24 किलोटन फेरोक्रोम का उत्पादन, जो सालाना 26 फीसदी अधिक है; पहली छमाही में 53 किलोटन, जो सालाना 13 फीसदी अधिक है।
• अयस्क की आपूर्ति सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ओस्टापाल खदानों से भूमिगत अयस्क का सफलतापूर्वक खनन किया गया।

▪ बंदरगाह (विजाग जनरल कार्गो बर्थ)

• दूसरी तिमाही में डिस्पैच वॉल्यूम 1.74 एमएमटी के रिकॉर्ड स्तर पर रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 26 फीसदी अधिक है; पहली छमाही में यह 3.39 एमएमटी रहा, जो सालाना आधार पर 18 फीसदी की वृद्धि है।
• दूसरी तिमाही में डिस्चार्ज वॉल्यूम 1.83 एमएमटी रहा, जो सालाना आधार पर 22 फीसदी अधिक है; पहली छमाही में यह 4.19 एमएमटी रहा, जो सालाना आधार पर 32 फीसदी की वृद्धि है।

वित्तीय वर्ष 27 की दूसरी तिमाही के नतीजों पर टिप्पणी करते हुए, वेदांता लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक, श्री अरुण मिश्रा ने कहा, “वेदांता ने एक और तिमाही में शानदार परिचालन प्रदर्शन किया है। इसमें जिंक इंडिया में 271 किलोटन का रिकॉर्ड माइन धातु उत्पादन और लगातार छठे साल पहली छमाही में रिकॉर्ड खनित धातु उत्पादन शामिल है। साथ ही, जिंक इंडिया में पहली छमाही में अब तक का सबसे अधिक रिफाइंड मेटल प्रोडक्शन हुआ है। इसके अलावा, जिंक इंटरनेशनल में गैम्सबर्ग चरण 2 की सफल शुरुआत, फैकोर में क्रोम अयस्क का रिकॉर्ड उत्पादन और 100 फीसदी अयस्क की खरीद, तथा कॉपर इंडिया में तिमाही आधार पर कैथोड का सर्वाधिक उत्पादन दर्ज किया गया है। इन परिचालन उपलब्धियों के साथ-साथ, हमने अपने प्रोजेक्ट्स में रु1,135 करोड़ का निवेश किया है। इससे हमारे पूरे पोर्टफोलियो में क्षमता विस्तार, खदान विकास और संसाधन सुरक्षा से जुड़ी पहलों को आगे बढ़ाने में मदद मिली है। इन लक्ष्यों को लगातार हासिल करना हमारे विविध परिसंपत्ति आधार की मजबूती को दर्शाता है। साथ ही, वॉल्युम में विकास, लागत दक्षता और सभी हितधारकों के लिए मूल्य सृजन पर हमारे निरंतर फोकस की भी पुष्टि करता है।”

वेदांता के ग्रुप सीएफओ श्री अजय गोयल ने कहा, “वेदांता लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में रिकॉर्ड वित्तीय प्रदर्शन किया है। इसमें रु25,812 करोड़ का अब तक का सबसे अधिक राजस्व , रु9,938 करोड़ का EBITDA और रु6,202 करोड़ का कर के बाद मुनाफ़ा हासिल हुआ है। इस तिमाही में रु5,803 करोड़ का मजबूत नकद उत्पादन हुआ, जिससे हम अपना नेट डेट (शुद्ध कर्ज) रु4,624 करोड़ कम करके रु3,675 करोड़ पर लाने में सफल रहे। इसके साथ ही, नेट डेट/ EBITDA अनुपात भी 0.3 गुना से बेहतर होकर 0.1 गुना हो गया है। हिंदुस्तान जिंक, जिंक इंटरनेशनल, फैकोर, कॉपर और पोर्ट्स जैसे कई विकास क्षेत्रों और महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक्स के समृद्ध पोर्टफोलियो के साथ, वेदांता लिमिटेड विकास के अगले चरण में प्रवेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस दौरान कंपनी वित्तीय अनुशासन बनाए रखेगी और दीर्घकालिक मूल्य का सृजन करेगी।

वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही ईएसजी के मुख्य बिंदु

सुरक्षा प्रदर्शन में सुधार हुआ है; एलटीआईएफआर (लॉस्ट टाइम इंजरी फ्रीक्वेंसी रेट) वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के 0.70 से घटकर 0.50 हो गया है, और टीआरआईएफआर (टोटल रिकॉर्डेबल इंजरी फ्रीक्वेंसी रेट) 1.80 से बेहतर होकर 1.51 पर आ गया है। इसमें पूरे परिचालन (ऑपरेशंस) के दौरान 80,000 से अधिक क्रिटिकल रिस्क मैनेजमेंट (गंभीर जोखिम प्रबंधन) सत्यापन का योगदान रहा है।

ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन की तीव्रता वित्त वर्ष 2026 के 3.93 tCO₂e/t मेटल से घटकर 3.36 tCO₂e/t मेटल हो गई है। वहीं, कुल ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में पिछले वर्ष की तुलना में 19 फीसदी की कमी आई है, जो 2.94 मिलियन tCO₂e/t से घटकर 2.38 मिलियन tCO₂e/t हो गई है।

o जल पुनर्चक्रण की 43 फीसदी दर हासिल की गई है। इसके तहत पूरे परिचालन में वर्षा जल संचयन , जल पुनर्चक्रण और दक्षता बढ़ाने वाली पहलों के माध्यम से 12.8 मिलियन m³ पानी को पुनर्चक्रित किया गया।

o कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, शिक्षा और उद्यमिता कार्यक्रमों के माध्यम से 0.46 मिलियन लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला गया। इसके अलावा, 9.04 मिलियन महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, पोषण, स्वच्छता और कल्याणकारी पहलों से लाभ मिला।

समेकित वित्तीय प्रदर्शन

राजस्व
30 सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही और छमाही के परिणाम,

o वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में समेकित राजस्व रु25,812 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 57 फीसदीऔर पिछली तिमाही के मुकाबले 10 फीसदी अधिक है। वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में राजस्व रिकॉर्ड रु49,268 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 54 फीसदी अधिक है।
o राजस्व में यह वृद्धि कमोडिटी की ऊंची कीमतों, अनुकूल विदेशी मुद्रा दरों और अधिक वॉल्यूम के कारण हुई है।

▪ EBITDA और EBITDA मार्जिनः
o वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में EBITDA रिकॉर्ड रु9,938 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 17 फीसदी अधिक है। इसमें मुख्य रूप से अनुकूल बाजार और नियामक कारकों, अधिक वॉल्यूम, तथा मार्केटिंग व अन्य लाभों का योगदान रहा, हालांकि लागत बढ़ने से इसका कुछ असर कम भी हुआ।
o वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में EBITDA रिकॉर्ड रु18,407 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 103 फीसदी अधिक है।
o तिमाही और छमाही EBITDA मार्जिन क्रमशः 60 फीसदी और 58 फीसदी रहे, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले क्रमशः 1055 बीपीएस और 1023 बीपीएस अधिक हैं।

मूल्यह्रास और परिशोधन
o वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में मूल्यह्रास और परिशोधन 19 फीसदी बढ़कर रु1,339 करोड़ हो गए, जिसका मुख्य कारण हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में अयस्क का अधिक उत्पादन है।

वित्तीय लागत
o वित्तीय लागत पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 9 फीसदी कम है, जबकि पिछली तिमाही के मुकाबले 5 फीसदी अधिक है।

करः
o वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के लिए ईटीआर 26 फीसदी है।

▪कर के बाद मुनाफा
कर के बाद मुनाफ़ा रु 6,202 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 151 फीसदी और पिछली तिमाही के मुकाबले 17 फीसदी अधिक है।

▪ लीवरेज, लिक्विडिटी और क्रेडिट रेटिंगः

o 30 सितंबर 2026 तक कुल कर्ज रु30,297 करोड़ था।
o 30 सितंबर 2026 तक शुद्ध कर्ज रु 3,675 करोड़ था, जो पिछली तिमाही के मुकाबले रु4,624 करोड़ कम है।
o नेट डेट/ EBITDA अनुपात 0.1 गुनारहा।
o नकद और नकद समकक्ष रु26,622 करोड़ के मजबूत स्तर पर बने रहे।
o वेदांता लिमिटेड ने आईसीआरए और क्रिसाइल दोनों से अपनी एए प्लस/स्टेबल क्रेडिट रेटिंग बनाए रखी है, जो 2014 के बाद से सबसे ऊंची रेटिंग है।

शेयर करें:

संबंधित खबरें

अनिल अग्रवाल ने भारत के तेल एवं गैस क्षेत्र में निवेशक-अनुकूल नीतिगत सुधारों का स्वागत किया, कहा- देश में निवेश के असीमित अवसर

4 days ago

वेदांता लिमिटेड पर ब्रोकरेज में तेजी, दूसरी तिमाही में EBIDTA दोगुना हुआ; 50 फीसदी तक की तेजी की उम्मीद

4 days ago

सीडीएसएल ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए, कंसोलिडेटेड कुल आय में 22% और शुद्ध मुनाफे में 24% की सालाना बढ़ोतरी

4 days ago

आवासीय सुरक्षा को स्मार्ट बनाने की गोदरेज की नई पहल, फेस रिकॉग्निशन तकनीक से लैस उत्पाद पेश

4 days ago

कोस्मो फर्स्ट भोपाल में लेकर आए पीवीसी-फ्री ग्रीन ग्राफिक फिल्म्स, पारंपरिक विनाइल ग्राफिक्स का बेहतरीन विकल्प

4 days ago

एक्सिस बैंक ने लोन, बिजनेस बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड पर आकर्षक ऑफर्स के साथ ग्राहकों की त्योहारी खुशियों को बनाया और भी खास

4 days ago

और पढ़ें

मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के स्वामित्व पंजीयन में CM मोहन यादव हुए शामिल, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पटवारियों का किया सम्मान
मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के स्वामित्व पंजीयन में CM मोहन यादव हुए शामिल, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पटवारियों का किया सम्मान

नगर परिषद डिंडौरी की बड़ी पहल: दीपावली पर छोटे व्यापारियों को राहत
मध्यप्रदेश

नगर परिषद डिंडौरी की बड़ी पहल: दीपावली पर छोटे व्यापारियों को राहत

सह-यात्री अमृता-दिग्विजय को भी याद रखना जरूरी - प्रो. मनोज कुमार
ब्लॉग

सह-यात्री अमृता-दिग्विजय को भी याद रखना जरूरी - प्रो. मनोज कुमार

CM मोहन यादव ने दिया निर्देश, दीपावली पर सभी व्यवस्थाएं रहें चाक-चौबंद
मध्यप्रदेश

CM मोहन यादव ने दिया निर्देश, दीपावली पर सभी व्यवस्थाएं रहें चाक-चौबंद

स्वामित्व योजना में प्रदेश में 15 लाख 98 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां पूर्ण
मध्यप्रदेश

स्वामित्व योजना में प्रदेश में 15 लाख 98 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां पूर्ण

फील्डिंग में उतरे 56 सांसद, इस प्लान से सबके छूट जाएंगे पसीने !
भारत

फील्डिंग में उतरे 56 सांसद, इस प्लान से सबके छूट जाएंगे पसीने !

अनिल अग्रवाल ने भारत के तेल एवं गैस क्षेत्र में निवेशक-अनुकूल नीतिगत सुधारों का स्वागत किया, कहा- देश में निवेश के असीमित अवसर
व्यापार

अनिल अग्रवाल ने भारत के तेल एवं गैस क्षेत्र में निवेशक-अनुकूल नीतिगत सुधारों का स्वागत किया, कहा- देश में निवेश के असीमित अवसर

वेदांता लिमिटेड पर ब्रोकरेज में तेजी, दूसरी तिमाही में EBIDTA दोगुना हुआ; 50 फीसदी तक की तेजी की उम्मीद
व्यापार

वेदांता लिमिटेड पर ब्रोकरेज में तेजी, दूसरी तिमाही में EBIDTA दोगुना हुआ; 50 फीसदी तक की तेजी की उम्मीद

सीडीएसएल ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए, कंसोलिडेटेड कुल आय में 22% और शुद्ध मुनाफे में 24% की सालाना बढ़ोतरी
व्यापार

सीडीएसएल ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए, कंसोलिडेटेड कुल आय में 22% और शुद्ध मुनाफे में 24% की सालाना बढ़ोतरी