मुंबई : गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप (GEG) के स्टोरेज सॉल्यूशंस बिजनेस ने इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रदर्शन करते हुए देश के सबसे उन्नत और अपनी तरह के पहले 'ऑटोमेटेड रैक क्लैड वेयरहाउस' का निर्माण पूरा कर लिया है। एक प्रमुख फार्मास्युटिकल कंपनी के लिए तैयार की गई यह 120 फीट (36 मीटर) ऊंची संरचना भारत के औद्योगिक बुनियादी ढांचे के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह प्रणाली पारंपरिक गोदामों के विपरीत संरचनात्मक रैक, ऑटोमेशन और क्लैडिंग (बाहरी आवरण) को एक ही एकीकृत ढांचे में समाहित करती है, जिससे निर्माण की गति और दक्षता दोनों बढ़ जाती है।
न्यूनतम स्थान, अधिकतम क्षमता
इस अत्याधुनिक सुविधा की सबसे बड़ी विशेषता इसका कॉम्पैक्ट डिजाइन है। मात्र 11,490 वर्ग फीट के सीमित क्षेत्र में यह वेयरहाउस 6,316 पैलेट पोज़िशन को संभालने में सक्षम है। 216 फीट की लंबाई और 56 फीट की चौड़ाई वाला यह ढांचा वर्टिकल स्पेस (ऊर्ध्वाधर क्षमता) का अधिकतम उपयोग करता है। यह पूरी तरह से स्वचालित 'भंडारण और पुनर्प्राप्ति प्रणाली' (ASRS) पर आधारित है, जो फार्मास्युटिकल उद्योग की कठोर आवश्यकताओं जैसे इन्वेंट्री सटीकता, ट्रेसबिलिटी और न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप को सुनिश्चित करती है।
राष्ट्र-निर्माण और भविष्य की राह
गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के स्टोरेज सॉल्यूशंस हेड, श्री विकास चौदाहा ने इस प्रोजेक्ट को भारतीय इंजीनियरिंग की जीत बताते हुए कहा कि यह नवाचार भारत के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण उद्योगों को 'भविष्य-तैयार' बनाने की उनकी प्रतिबद्धता का हिस्सा है। इस वेयरहाउस का निर्माण तीन जटिल चरणों—रैक संयोजन, सटीक ऑन-साइट इंस्टॉलेशन और अंतिम क्लैडिंग—में पूरा किया गया।
भारत का फार्मास्युटिकल क्षेत्र, जिसके 2047 तक 450 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है, के लिए इस तरह के हाई-बे ऑटोमेटेड वेयरहाउस रीढ़ की हड्डी साबित होंगे। यह परियोजना न केवल गोदरेज की तकनीकी क्षमता को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारतीय विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को एक सशक्त और आधुनिक पहचान भी प्रदान करती है।







